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क्या है हाइपोथायराइड? जानें कारण, लक्षण और इलाज

क्या है हाइपोथायराइड? जानें कारण, लक्षण और इलाज

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hypothyroidism in hindi

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    आजकल इस भागदौड़ भरी जिंदगी में हमारे पास इतना भी समय नहीं बच पाता की हम अपनी सेहत का ध्यान रख सकें। खासकर महिलाएं अपना पूरा दिन घर के काम और परिवार में लगा देती हैं यही कारण है कि महिलाएं अक्सर तमाम तरह की बीमारियों का शिकार हो जाती हैं जिनमें से थायराइड भी एक है। कई बार तो ये बीमारी ज्यादा आराम करने वाले और किसी भी तरह की एक्सरसाइज ना करने वाले लोगों को भी हो जाती है। 

    hypothyroidism kya hai

    हाइपोथायराइड क्या है? (what is hypothyroid in hindi)

    थायरॉयड एक ग्रंथि होती है जो हार्मोन बनाते हैं और आपके शरीर को ठीक ढंग से कार्य करने में मदद करते हैं। थायराइड एक तरह का हार्मोन बनाता है जो शरीर के कई महत्वपूर्ण कार्यों को नियंत्रित करता है। जब हमारा थायराइड ठीक ढंग से काम नहीं करता है तब शरीर में तमाम तरह के बदलाव होने लगते हैं और ये बदलाव थायराइड जैसे रोग को बढ़ावा देते हैं। 

    ये भी पढ़ें: जाने क्या होता है थायराइड? क्या हैं इसके कारण, लक्षण और इलाज?

    हाइपोथायराइड होने के कारण? (hypothyroid causes in hindi)

    खानपान में लापरवाही, अस्थ-व्यस्थ जीवनशैली औऱ खाने में आयोडिन की कमी के कारण हाइपोथायराइड होने का खतरा रहता है। इसके अलावा भी थायराइड होने के कई अन्य कारण भी हैं जैसे-

    1.अगर आपको पहले कभी हाइपोथायराइड हुआ है या आपके परिवार में से कोई व्यक्ति इस बिमारी से पीड़ित था तो आपको भी ये रोग बड़ी आसानी से लग सकता है। 

    2. महिलाओं में थायराइड होने की शिकायत ज्यादा होती है, और हाइपोथायराइड 30 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को ही शिकार बनाता है। 

    3.गलत खान-पान, नियमित जिवनशैली औऱ अधिक मिर्च मसाला खाना भी हाइपोथायराइड जैसी बीमारी को दावत दे सकती है। 

    4. जंक फूड का बढ़ता क्रेज़ भी आपको थायराइड से पीड़ित कर सकता है। इसके अलावा जंग फूड से थायराइड के अलावा भी कई तरह की पेट संबंधित समस्या हो जाती है। 

    5.शरीर का बढ़ता वज़न कई तरह की बीमारियों का घर है हाइपोथायरइड भी इन्ही बीमारियों में से एक है। ज़रूरत से ज्यादा वजन बढ़ना और शारीरिक मेहनत कम होने से हाइपोथायराइड जैसे रोग हो जाते हैं।

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    hypothyroidism ke symptoms

    हाइपोथायराइड के लक्षण (hypothyroid symptoms in hindi)

    डॉक्टरर्स के अनुसार हाइपोथायरायडिज्म के लक्षणों का अनुमान थायरॉयड हार्मोन उत्पादन में होने वाली कमी और गंभीरता के हिसाब से लगाया जा सकता है। लेकिन हाइपोथायराइड के लक्षण हमारे शरीर में लंबे समय से पनप रहे होते हैं जो काफी समय बाद दिखते हैं। इसके अलावा हाइपोथायराइड के अन्य कई लक्षण हैं जैसे-

    1.थकावट और वजन बढ़ना

    थायराइड की शुरुआती लक्षणों की बात करें तो सबसे पहले थकान महसूस होना और वजन के बढ़ने जैसी परेशानी देखने को मिलती है। इसके अलावा मेटाबॉलिज्म की गति धीमी हो जाती है। 

    2.  चेहरे पर सूजन

    हाइपोथायराइड के रोगियों के चेहरे पर अचानक से सूजन होने लग जाती है उसके अलावा अधिक थकान होना और जरूरत से ज्यादा ठंड लगना भी हाइपोथायराइड के संकेत हैं।

    3. मासिक धर्म

    थायराइड की शिकायत अधिकांश महिलाओं में देखी जाती है ऐसे में जो महिलाएं थायराइड का शिकार होती हैं उनका मासिक धर्म यानी पीरियड कभी भी समय पर नहीं आता। कई बार तो ब्लीडिंग बहुत ज्यादा होती है तो कई बार अनियमित तरीके से पीरियड्स होते हैं।

    4. मांसपेशियों में कमजोरी

    हाइपोथायरायडिज्म के शिकार मरीजों की मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं। इसके कारण पूरे दिन हड्डियों में और शरीर में दर्द बना रहता है और कई बार रोगी आवाज बैठ जाने और गले में खराश की भी शिकायत करते हैं।

    5. बाल झड़ना

    थायराइड के दोनों प्रकार के लक्षण काफी हद तक सामान्य होते हैं हाइपोथायरायडिज्म में भी मरीज के बाल अचानक से झड़ने लग जाते हैं और बेजान हो जाते हैं और उनकी त्वचा रूखी सूखी सी लगती है।

    hypothyroidisam ka treatment

    हाइपोथायराइड का इलाज (hypothyroid treatment in hindi)

    थायराइड की कई सारे होम्योपैथिक, एलोपैथिक आयुर्वेदिक और घरेलू उपचार हैं लेकिन यदि आपको लगता है कि आपका थायराइड गंभीर स्थिति में है तो ऐसे में रिस्क लेने की जगह डॉक्टर से सलाह लें।  इसके अलावा आप नीचे बताए गए कुछ उपाय से भी हाइपोथायराइड को कंट्रोल कर सकते हैं।

    1.दवाइयां

    हाइपोथायरायडिज्म के शुरुआती जांच के बाद डॉक्टर मरीज को सिंथेटिक थायरॉयड हार्मोन टी-4 लेने की सलाह देते हैं। इस दवाई को रोजाना निर्धारित समय पर खाना होता है जो थायराइड को दोबारा उचित स्तर पर ला देती है। इससे थायराइड के लक्षण और संकेत सामान्य होने लगते हैं और धीरे-धीरे ठीक भी हो जाते हैं 

    2.TSH जांच

    आमतौर पर डॉक्टरर्स हाइपोथायरायडिज्म के शिकार व्यक्ति का इलाज लेवोथायरोक्सिन द्वारा करते हैं। ये उपचार जीवनभर चलता रहता है, लेकिन हर बार दवाइयों की मात्रा काफी हद तक कम हो जाती हैं। इसके लिए डॉक्टर हर साल व्यक्ति की TSH स्तर की जांच करते हैं। 

    3.धीरे- धीरे उपचार 

    डॉक्टरर्स गंभीर हाइपोथायरायडिज्म से पीड़ित मरीजों का इलाज दवाई की कम खुराक से शुरू करते हैं जिसे बाद में धीरे धीरे बढ़ाया जाता है। 

    इसके अलावा कुछ घरेलू उपाय और नियमित योगासन से भी हाइपोथायराइड से छुटकारा पाया जा सकता है। यदि आप कोई और जानकारी चाहते हैं तो ऐसे में आप हमारे डॉक्टर और विशेषज्ञों से भी सलाह ले सकते हैं। इसी के साथ अगर आपको हमारे अनुभवी डॉक्टर से अपाइंटबुक करना है और उचित दामों में अपना इलाज करवाना है तो आप नीचे दिए गए बुक अपाइंटमेंट के बटन पर क्लिक कर के अपना स्लॉट बुक कर सकते हैं या फिर 8010396396 पर मिस्ड कॉल दे सकते हैं, हमारी टीम आपसे जल्द से जल्द संपर्क करेगी।

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