For Teleconsultation

क्या होता है हाइपरथायराइड? जानें कारण, लक्षण और इलाज

क्या होता है हाइपरथायराइड? जानें कारण, लक्षण और इलाज

  • Share:

    Please prove you are human by selecting the Plane.

    आजकल थायराइड जैसी बीमारी होना आम बात हो गई है। अक्सर थायराइड गलत खानपान, अनुवांशिकता और आयोडीन की कमी के कारण होता है, इस स्थिति में पीड़ित व्यक्ति को तमाम तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जब थायराइड अधिक बढ़ जाता है तो गले में तितली के आकार का शेप बन जाता है जिसे थायराइड कहते हैं।  उन लोगों को यह बीमारी सबसे ज्यादा होती है जो लोग सेहत का ध्यान नहीं रखते हैं और खाना खाकर तुरंत बिस्तर पर लेट जाते हैं।

    हाइपरथायराइड क्या है? 

    हाइपरथायराइड और हाइपोथायरायड एक तितली के आकार की ग्रंथि होती है जो गले में अपनी जगह बनाने लगती है, इस ग्रंथि को उर्जा और पाचन की मुख्य ग्रंथि कहा जाता है। यह ग्रंथि मास्टर लीवर की तरह ही काम करती है जो गले में जींस उत्पन्न करती है जिससे तमाम तरह की कोशिकाएं अपना काम ठीक ढंग से कर सकें। जब यह ग्रंथि ठीक ढंग से काम करना बंद कर देती है तो इस स्थिति में थायराइड होता है। 

    इसके अलावा जब शरीर में हार्मोन्स का उत्पादन अधिक मात्रा में होने लगता है और व्यक्ति ऊर्जा का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल करने लगता है तो ये स्थिति हाइपरथॉयराइडिज्म (Hyperthyroidism) कहलाती है। 

    हाइपरथायराइड के कारण (hyperthyroidism causes in hindi)

    थायराइड दो प्रकार का होता है, पहला हाइपोथायराइड और दूसरा हाइपरथायराइड, लेकिन यहां हम हाइपरथायराइड की बात कर रहे हैं। अक्सर इस प्रकार का थायराइड 20 साल तक की महिलाओं में ज्यादा होता है। हाइपरथायराइड से पीड़ित मरीज लगातार कमजोर होने लगता हैं, और शरीर भी पतला हो जाता है। हाइपरथायराइड होने के कई कारण हैं जैसे- 

    •  जो लोग बढ़ते मोटापे को नजरअंदाज करते हैं उन लोगों में थायराइड होना आम बात है। 
    • कैंसर और दिल की बीमारियों का इलाज करने वाली दवाइयां शरीर में थाइराइड हार्मोन के उत्पादन को कम कर देती हैं जिसकी वजह से हाइपरथायराइड की शिकायत हो जाती है।  
    • शरीर में आयोडीन की कमी के कारण भी हाइपरथायराइड होता है। इसलिए खाने में आयोडीन की भरपूर मात्रा लें। 
    • जो व्यक्ति अधिक तनावपूर्ण जीवन व्यतीत करते हैं उनकी थायराइड हार्मोन की सक्रियता पर गलत असर पड़ता है जिसकी वजह से हाइपरथायराइड जैसी बीमारी होती है
    • भोजन में सोया मैदा और फास्ट फूड का ज्यादा इस्तेमाल से भी हाइपरथायराइड होता है।

    हाइपरथायराइड के लक्षण (sign of hyperthyroidism in hindi)

    हाइपोथायरायडिज्म और हाइपरथायराइड आमतौर पर दोनों के लक्षण काफी हद तक एक जैसे ही रहते हैं। हाइपरथायराइडिज्म के मरीज हमेशा हाथ पैर में दर्द की शिकायत करते हैं। इसके अलावा हाइपरथायराइड को नीचे दिए गए बिंदुओं से भी पहचाना जा सकता है। जैसे- 

    • हाइपरथायराइड के मरीजों को आचनक ही घबराहट महसूस होने लगती है और सांस फूलने लगता है। 
    • बार-बार हर छोटी बड़ी बात पर चिड़चिड़ापन दिखाना भी हाइपरथायराइड के लक्षण हैं।
    • थोड़ी दूर चलने या सीढियां चढ़ने पर अधिक पसीना आना।
    • हाथों का काँपना और अचानक से बालों का झड़ना। 
    • हाइपरथायराइड के मरीजों के मांसपेशियों में हमेशा दर्द की शिकायत रहती है।  
    • दिल की धड़कन बढ़ना। और बहुत भूख लगने व खूब खाना खाने के बाद भी लगातार वजन घटाना। 
    • हड्डियों में कैल्शियम का खत्म होना। 
    • हाइपरथायराइड मरीजों के गले में सूजन दिखाई देने लगती है। 

    हाइपरथायराइड का इलाज (hyperthyroidism treatment in hindi)

    हाइपरथायराइड के कई आयुर्वेदिक, एलोपैथिक और होम्योपैथी इलाज है, इसके अलावा आप कुछ आसान योगासनों द्वारा भी इसे नियंत्रित कर सकते हैं।

    1.डॉक्टर से सम्पर्क

    अगर आपको लग रहा है कि आप थायराइड के शिकार हो गए हैं, या आपको कोई लक्षण महसूस हो रहे हैं तो ऐसे में डॉक्टर से संपर्क जरूर करें। ऐसा करने से आपको ये पता लग जाएगा कि आपको कौनसा थायराइड है जिससे इलाज में आसानी हो सके।

    2. हरा धनिया

    थायराइड के मरीजों के लिए हरा धनिया बहुत लाभदायक है। हाइपरथायराइड के शिकार व्यक्ति को रोजाना हरा धनिया पीसकर पीना चाहिए, इससे गले के दर्द में आराम मिलता है 

    3. काढ़ा

    थायराइड के मरीजों को गले में दर्द की शिकायत रहती है ऐसे में उन्हें अदरक तुलसी मुलेठी आंवला आदि का काढ़ा बनाकर पीना चाहिए ऐसा करने से गले के दर्द में आराम मिलता है।

    4. फल सब्जियों का सेवन

     हाइपरथायराइड के मरीजों को खान-पान में ज्यादा से ज्यादा फल और हरी सब्जियों का सेवन करना चाहिए  इस तरह के भोजन में आयरन पाया जाता है जो थायराइड के मरीजों के लिए बहुत फायदेमंद है

    5. नट्स का सेवन

    हाइपरथायराइड के मरीजों को नट्स, सूरजमुखी के बीज, बादाम आदि का सेवन करना चाहिए। इसमें कॉपर पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है जो थायराइड के मरीजों के लिए औषधि का काम करता है

    इसके अलावा आप चाहे तो अपने भरोसेमंद डॉक्टर से सलाह लेकर भी थायराइड जैसी बीमारी का इलाज करवा सकते हैं, साथ ही जीवनशैली में बदलाव, योगा, प्रातः काल भ्रमण आदि से भी थायराइड बीमारी को रोका जा सकता है।

    हेल्थ से जुड़ी कोई भी जानकारी या थायराइड के बारे में अन्य जानकारी पाने के लिए आप हमारे विशेषज्ञ या डॉक्टर से भी बात कर सकते हैं। अगर आप ऊपर दिए गए लक्षणों का सामना कर रहे हैं तो आप नीचे दिए गए एपांइटमेंट बुक करने के बटन पर क्लिक कर के हमारे एक्सपर्ट से सलाह ले सकते हैं या 8010396396 पर कॉल सकते हैं।

    Your Comments

    Nangloi : 8750060177

    Sonipat : 0130-2213088

    Panipat : 0180-4015877

    Karnal : 0184-4020454

    Safdarjung : 011-42505050

    Bahadurgarh : 01276-236666

    Kurukshetra : 01744-270567

    Kaithal : 9996117722

    Rama Vihar : 9999655255

    Kashipur :7900708080

    Rewari : 01274-258556

    Varanasi : 7080602222