क्या होता है बवासीर? जाने कारण लक्षण और इलाज

क्या होता है बवासीर? जाने कारण लक्षण और इलाज

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piles in hindi

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    आजकल की ये अनियमित जीवनशैली ही तमाम तरह की घातक बीमारियों का कारण बनती है, बवासीर (piles) भी इन्ही बीमारियों में से एक है। बवासीर यानी पाइल्स (plies) से पीड़ित व्यक्ति को उठने- बैठने और मल त्यागने में काफी दिक्कतें होती हैं। कई बार तो अपने आप ही मल के रास्ते से खून आने लगता है और ये काफी दर्दनाक होता है। 

    बवासीर क्या है? (piles in hindi )

    डॉक्टर्स की मानें तो बवासीर एक ऐसी बीमारी है जिसमें पीड़ित व्यक्ति के एनस के अंदर और बाहरी हिस्से में सूजन हो जाती है जिसकी वजह से काफी दर्द होता है। ये दर्द अंदरूनी हिस्से में स्किन जमकर मस्सा निकलने के कारण होती है। मल त्यागने के समय जब पीड़ित व्यक्ति जोर लगाता है तो ये मस्से बाहर आ जाते हैं और खून निकलने लगता है। ये बीमारी पीड़ित व्यक्ति का उठना बैठना भी मुश्किल कर देती है और लोग शर्म के मारे इसका इलाज भी नहीं करवा पाते।

    बवासीर होने के कारण (piles causes)

    बवासीर एक दर्दनाक बीमारी है, इस बीमारी के शिकार व्यक्ति का उठना बैठना औऱ खाना पीना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में ये जानना बहुत ज़रूरी है कि आखिर बवासीर यानी पाइल्स की बीमारी होती क्यों है?  

    1.डॉक्टर्स की मानें तो बवासीर कब्ज़ की समस्या के कारण होती है। क्योंकि जिस व्यक्ति को कब्ज रहता है उसका पेट कभी साफ नहीं होता और मल त्यागने में काफी जोर लगाना पड़ता है जिसके कारण पाइल्स की शिकायत हो जाती है। 

    2.इसके अलावा जो लोग ज़्यादा देर तक खड़े होकर काम करते हैं, या बहुत कम ही आराम करते हैं उन लोगों को भी बवासीर की बीमारी बड़ी ही आसानी से हो जाती है। 

    3.ज़रूरत से ज्यादा मोटापा कई बीमारियों को दावत देता है, बवासीर होने का एक कारण मोटापा भी है।  

    4.अगर परिवार में किसी को पहले से ही बवासीर की बीमारी है तो अनुवांशिकता के कारण आपको भी ये रोग आसानी से हो सकता है। 

    5. कई बार गर्भावस्था में भी बवासीर हो जाता है। या नॉर्मल डीलीवरी के बाद भी पाइल्स हो सकता है।

    बवासीर के लक्षण (plies symptoms)

    शुरुआती दिनों में बवासीर के लक्षणों का पता नहीं लगता है, और अगर ये गंभीर स्थिति में ना पहुंचा हो तो 4 से 5 दिनों में खुद ही ठीक हो जाता है।  इसके अलावा आप इसे नीचे दिए गए लक्षणों से भी पहचान सकते हैं

    1.बार बार शौच जाने के बाद भी ऐसा लगना जैसे पेट साफ ना हुआ हो। 

    2.मल त्यागने के समय जोर लगाना और फिर लाल चमकदार खून का आना। 

    3.मल त्यागते समय अत्यधिक दर्द होना और जलन महसूस होना।

    4.गुदा के आस-पास खुजली, लालीपन, दर्द और सूजन रहना।

    5.बार बार शौच जाने की इक्छा होना लेकिन मल ना त्याग पाना।  

    बवासीर के घरेलू इलाज

    अगर बवासीर के लक्षण निम्न हो तो उन्हें कुछ आसान घरेलू इलाज से ही ठीक किया जा सकता है, क्योंकि घरेलू इलाज से बीमारियां जड़ से खत्म होती हैं और इनका कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होता। तो आप भी कुछ आसान घरेलू उपचारों से बवासीर के प्रभाव को कम कर सकते हैं जैसे-

    1.त्रिफला चूर्ण 

    बवासीर होने का सबसे बड़ा कारण पेट में कब्ज़ (food for piles) का रहना है। ऐसे में कब्ज को दूर करने में त्रिफला चूर्ण काफी फायदेमंद है। रोज़ाना सोने से पहले 4 ग्राम त्रिफला चूर्ण गर्म पानी में लेने से पेट साफ रहता है और कब्ज की समस्या नहीं होती जिससे बवासीर का खतरा भी टल जाता है।  

    2.कैस्टर ऑयल

    कैस्टर ऑयल (food for piles) में एंटी−ऑक्सीडेंट, एंटी−फंगल, एंटी−बैक्टीरियल और एंटी−इंफ्लेमेटरी के गुण पाए जाते हैं ये बवासीर के आकार को छोटा करने में मदद करता है। पाईल्स में रोजाना रात को दूध में 3 मिलीलीटर कैस्टर ऑयल डालकर इसका सेवन करें, इसके अलावा इस तेल को प्रभावित जगह पर लगा भी सकते हैं।  

    3. पानी पीएं

    बवासीर को ठीक करने का सबसे आसान उपाय है खूब पानी पीना, क्योंकि अधिक पानी पीने से कब्ज़ की शिकायत नहीं होती है जिससे बवासीर नहीं होता है। इसलिए रोजाना 8 से 10 गिलास पानी जरूर पिएं।  

    4.हींग का इस्तेमाल

    बवासीर के मरीजों के लिए हींग  बहुत ही गुणकारी औषधि है। बवासीर के मरीजों को अपने खाने में हींग का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए। आप इसे सब्जी, दाल आदि में इस्तेमाल कर सकते हैं या इसे पानी में घोलकर भी पी सकते हैं। हींग पाचन शक्ति में सुधार करता है, और इसे बवासीर के लिए चमत्कारी औषधि माना गया है।  

    5.नारियल तेल  का इस्तेमाल

    नारियल तेल कोई प्राकृतिक मॉस्चराइजर माना जाता है। ये खूनी बवासीर में बहुत लाभकारी है और ये बवासीर के मस्सों को काटने का काम करता है यदि प्रभावित जगह पर खुजली, जलन और दर्द आदि है तो रोजाना नारियल का तेल लगाएं दिन में दो-तीन बार प्रभावित जगह पर नारियल तेल लगाने से दर्द, खुजली, जलन और लाली में राहत मिलती है 

    बवासीर के लिए ऑपरेशंस ( Treatment for piles)

    वैसे तो बवासीर दवाइयों (Piles medicine) और कुछ सावधानियों से भी ठीक हो जाता है  लेकिन कई बार यह गंभीर स्थिति में पहुंच जाता है जिससे ऑपरेशन करवाने की भी नौबत आ जाती है।  ऐसे में डॉक्टर कई प्रकार के सर्जरी वो ट्रीटमेंट की सलाह देते हैं जैसे

    1. बैंडिंग

    जब बाबासीर गंभीर स्थिति में पहुंच जाता है यानी अपनी लास्ट स्थिति में होता है तो डॉक्टर बवासीर के लिए बेंडिंग का इस्तेमाल करते हैं। इस ऑपरेशन में डॉक्टरर्स बवासीर के मस्से में से खून के प्रवाह को रोकने के लिए बैंड लगाते हैं जिससे कुछ दिनों में खून का बहाव बंद होने लगता है।

    2. स्क्लेरोथेरेपी

    इस इलाज की मदद से आपको  इंजेक्ट किया जाता है।  बवासीर के मस्से धीरे धीरे सिकुड़ने लगते हैं और कुछ दिनों में व्यक्ति इस बीमारी से छुटकारा पा लेता है लेकिन इसकी स्थिति बहुत कम ही आती है।

    3. हेमोराहाइडेक्टोमी

    अगर बहुत ज्यादा रक्त का बहाव हो रहा है और व्यक्ति को उठने बैठने में काफी तकलीफ हो रही है तो इस सर्जरी का सहारा लिया जाता है। सर्जरी के द्वारा अधिक मस्सों को  काट कर हटा दिया जाता है। यह बेहद दर्दनाक सर्जरी होती है 

    कम खर्चे में बेहतर इलाज

    यदि आपको पाइल्स की समस्या है या आप ऊपर बताए गए लक्षणों का सामना कर रहे हैं तो अपने नज़दीकी उजाला सिग्नस अस्पताल में चेकअप के लिए तुरंत अपाइंटमेंट बुर करवाएं। आप नीचे दिए गए बटन पर क्लिक कर सकते हैं या फिर 8010396396 पर मिस्ड कॉल भी दे सकते हैं, हमारी टीम आपसे जल्द से जल्द संपर्कर करेगी। 

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